देहरादून के 14 प्रमुख पर्यटन स्थल 2024 | 14 Best Places to visit in Dehradun in Hindi | Dehradun Tourist Places in Hindi 2024 | Dehradun Tourism in Hindi | Things to do in Dehradun in Hindi | Dehradun Travel Guide in Hindi 2024

देहरादून का इतिहास – History of Dehradun in Hindi

हिमालय की गोद में बसा हुआ देहरादून शहर भारत के उत्तराखंड राज्य की राजधानी है। एक विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल होने के साथ-साथ देहरादून शहर का एक पौराणिक इतिहास भी रहा है। त्रेता युग में भगवान श्रीराम और लक्ष्मण ने रावण को युद्ध में पराजित करने के पश्चात गुरु वशिष्ठ के कहने पर इस क्षेत्र में वर्षों तक तपस्या की।

द्वापर युग में पांडवो द्वारा अज्ञातवास के समय इस स्थान के समीप राजा विराट के यहाँ भेष बदल कर रहने के साक्ष्य भी उपलब्ध है। कौरवों पर विजय पाने के पश्चात इस स्थान पर पांडवों का काफी प्रभाव रहा। रामायण काल और महाभारत काल से जुड़े हुए सभी घटनाक्रमों के यहाँ पर पर्याप्त साक्ष्य आज भी उपलब्ध है।

देहरादून पौराणिक घटनाओं का साक्षी होने के साथ साथ यह स्थान मुगलों के आक्रमण से भी अछूता नहीं रहा। हरिद्वार के पास 1368 में महाराजा ब्रह्मदत्त से युद्ध में बुरी तरह से हारने के पश्चात तैमूर अपनी हार को पचा नहीं पाया और देहरादून के आसपास के क्षेत्र में बहुत बुरी मारकाट मचाई। इन सब के अलावा 17वीं शताब्दी में सिख समुदाय का भी इस क्षेत्र के आसपास बहुत विस्तार हुआ।

1676 में सिखों के धर्म गुरु राम राय अपनी सेना और शिष्यों के साथ देहरादून के पास आये और इस क्षेत्र में गुरु दरबार साहिब की स्थापना की और यहीं पर अपने शिष्यों के साथ बस गए। अंग्रेज अधिकारियों ने भी देहरादून से अपनी कई राजनीतिक गतिविधियों को यहाँ रहते हुए पूरा किया है।

कुल मिला कर देहरादून के बारे में यह कहा जा सकता है की यह शहर आज भी बहुत सारी पौराणिक, मुगलकालीन और अंग्रेजी हुकूमत में हुई बहुत सारी महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी रहा है। समय समय पर देहरादून और इसके आसपास क्षेत्रों में जितने भी घटना क्रम हुए है उन सभी घटनाओं के साक्ष्य आज भी इस शहर के आसपास के क्षेत्रों में उपलब्ध है।

वर्तमान में देहरादून उत्तराखंड की राजधानी है और पूरे वर्षभर लाखों की संख्या में पर्यटक इस शहर में घूमने के लिए आते है।

Places to Visit in Dehradun in Hindi

सहस्त्रधारा देहरादून- Sahastradhara Dehradun in Hindi


Sashtradhara, Dehradun | Click on Image For Credits

देहरादून से मात्र 16 किलोमीटर की दूरी पर एक गांव है रामपुर। इस गांव में बहने वाला गंधक झरना अपनी औषधीय गुणों के लिए बहुत प्रसिद्ध है। ऐसा माना जाता है की त्वचा से जुड़ी हुई बीमारियों के लिये इस झरने से बहने वाला पानी बहुत उपयोगी होता है और इस झरने के पानी से नहाने पर कई तरह के त्वचा रोगों को खत्म किया जा सकता है।

इस जगह का नाम सहस्त्रधारा रखे जाने का कारण बहुत रोचक है, इस जगह के पास स्थित पहाड़ो में बहुत छोटी-छोटी गुफाएं बनी है। इन सभी छोटी-छोटी गुफाओं के अंदर से लगातार बूंदों के रूप मे लगातार पानी टपकता रहता है और यह पानी एकत्र होकर बहुत सारी छोटी-छोटी धारा के रूप में आगे बढ़ता है।

यहाँ बहने वाली पानी की छोटी-छोटी धाराएँ तलहटी में पहुंच कर एक बड़ी धारा का रूप ले लेती है इस वजह से इस जगह को सहस्त्रधारा कहा जाता है। पहाड़ो की तलहटी में बसे हुये होने की वजह से प्राकृतिक रूप से भी बहुत ज्यादा सुंदर और मनमोहने वाली जगह है। वर्तमान में सहस्त्रधारा एक पारिवारिक पिकनिक स्पॉट के रूप में बहुत ज्यादा प्रसिद्ध है।

बहते हुए पानी के दोनों तरफ दुकाने बनी है जिस वजह से इस जगह खाने पीने की कोई कमी नहीं होती है। सहस्त्रधारा पर आप किसी भी वक़्त जा सकते है यहाँ पर लोग अपने परिवार और बच्चों के साथ पानी में मौज-मस्ती करते हुए मिल जाएंगे। सहस्त्रधारा में नहाने के लिए चेंजिंग रूम बने हुए है। सहस्त्रधारा के पास में एक रोपवे बना हुआ जिसका शुल्क 150/- रुपये लिया जाता है।

सहस्त्रधारा देहरादून देखने का समय – Sahastradhara Dehradun Timings in Hindi

सुबह 08:00 बजे से लेकर शाम को 07:00 बजे तक।

सहस्त्रधारा देहरादून में प्रवेश शुल्क – Sahastradhara Dehradun Entry Fee in Hindi

प्रवेश निःशुल्क।

घण्टाघर देहरादून – Ghantaghar Dehradun In Hindi


Clock Tower, Dehradun | Click on Image For Credits

देहरादून शहर के मध्य में स्थित घंटाघट का निर्मान ब्रिटिश शासनकाल के दौरान करवाया गया। इस घण्टाघर की इमारत षट्कोणीय आकार की बनी हुई है और इसके निर्माण में ईंट और पत्थरों का उपयोग किया गया है। घण्टाघर की इमारत के सबसे शीर्ष भाग पर सभी कोणो पर छः घड़ियां लगी हुई है। ऐसा माना जाता है की बिना घंटानाद का यह घण्टाघर एशिया का सबसे बड़ा घण्टाघर है।

घण्टाघर में प्रवेश करने के लिए छः प्रवेश द्वार बनाये गए है तथा ऊपर जाने के लिए घण्टाघर के मध्य भाग में सीढ़िया बनी हुई है। देहरादून शहर में स्थित यह घण्टाघर अपनी अनूठी वास्तुकला की वजह से आज भी एक अलग पहचान रखता है। वर्तमान में यह घण्टाघर शहर के मुख्य व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र है इस वजह से घण्टाघर के चारों तरफ पूरे दिन भीड़-भाड़ का माहौल रहता है।

पलटन बाजार देहरादून – Palatan Bazar Dehradun in Hindi

Patan Bazaar, Dehradun | Ref Image

पलटन बाजार देहरादून में थोक और खुदरा व्यापार का मुख्य केंद्र है। देहरादून के प्रसिद्ध बासमती चावल और ऊनी कपड़ो की खरीदारी के लिए पलटन बाजार देहरादून में सबसे अच्छी और उपयुक्त जगह है। चावल और ऊनी कपड़ो के अलावा पलटन बाजार में कपड़े, इलेट्रॉनिक्स और देहरादून के स्ट्रीट फ़ूड की दुकानें भी उपलब्ध है। घण्टाघर से पलटन बाजार की दूरी मात्र कुछ मीटर की है।

अगर आप को शॉपिंग पसंद है तो देहरादून का  पलटन बाजार आप लिए सबसे उपयुक्त जगह है। पलटन बाजार में खरीदारी के समय आप मोलभाव अवश्य करें। पलटन बाजार में आप सुबह 10 बजे से रात को 10 बजे तक किसी भी समय जा सकते है। देहरादून में महिलाओं के कपड़ों की खरीदारी के लिए पलटन बाजार सबसे अच्छी जगह है।

तिब्बत मार्केट देहरादून – Tibet Market Dehradun in Hindi

Tibet Market, Dehradun | Ref Image

देहरादून में परेड ग्राउंड के पास स्थित तिब्बत मार्केट, तिब्बत से आये हुए शरणार्थियों द्वारा लगाए जाने वाला बाजार है जिसमे तिब्बत से आये हुए दुकानदार मुख्य रूप से अपने हाथों से बनाये हुए गरम कपड़े बेचते है और इसके अलावा हैंडीक्राफ्ट, आर्टिफिशियल जैवेलेरी, कारपेट, बैग्स और पेंटिंग्स भी बेचते है।

तिब्बत के शरणार्थी वैसे तो पूरे देश भर में सर्दियों के मौसम में तिब्बत मार्केट लगाते है। देहरादून में लगने वाला तिब्बत मार्केट वैसे तो पूरे हफ्ते खुला रहता है लेकिन शनिवार और रविवार के दिनों में लगाने वाले तिब्बत मार्केट में स्थानीय नागरिकों के अलावा पर्यटकों की भीड़ भी शामिल हो जाती है।

तिब्बत मार्केट में आप तिब्बत के लोकल फ़ूड को भी एन्जॉय कर सकते है। पलटन मार्किट में जहाँ आप को बड़े ब्रांड के शो रूम देखने को मिलते है वहीं तिब्बत मार्केट देहरादून का सबसे प्रसिद्ध स्ट्रीट मार्केट है। अगर आप मोलभाव में अच्छे है तो देहरादून में तिब्बत मार्केट आप के लिए सबसे अच्छी जगह है।

इंदिरा मार्केट देहरादून – Indira Market Dehradun in Hindi

Indira Bazaar, Dehradun | Ref Image

पलटन बाजार और तिब्बत मार्केट के अलावा देहरादून में एक और प्रसिद्ध बाजार है जिसे इंदिरा बाजार के नाम से जाना जाता है। पलटन बाजार के जैसे इंदिरा बाजार भी घण्टाघर से कुछ ही दूरी पर स्थित है। इंदिरा बाजार 800 मीटर से 1 किलोमीटर लम्बा  स्ट्रीट शॉपिंग मार्केट है। पलटन बाजार और तिब्बत मार्केट के जैसे ही इंदिरा मार्केट भी कपड़ों की खरीदारी के लिए प्रसिद्ध है।

लेकिन फिर भी इंदिरा बाजार बाकी दोनों मार्केट से खरीदारी के मामले में अलग है। और इसका मुख्य कारण है इंदिरा मार्केट में मिलने वाले लेटेस्ट डिज़ाइन के कपड़े। अगर आप एक अच्छे मोलभाव वाले व्यक्ति है तो यहाँ मिलने वाले लेटेस्ट डिज़ाइन के कपड़े आपको बहुत कम कीमत पर मिल जाते है।

इन कपड़े के बारे में पूछने पर स्थानीय दुकानदार इन कपड़ो को ओरिजनल कपड़ो की डिज़ाइन की फर्स्ट कॉपी बताते है। पलटन बाजार में अगर महिलाओं के कपड़े अधिक मात्रा में मिलते है तो वहीं इंदिरा मार्केट पुरुषों के कपड़ों के लिए प्रसिद्ध है। अगर आप देहरादून  घूमने का प्लान बना रहे है तो यहाँ के तीनों मार्केट के लिए समय जरूर निकाले।

रोबर्स केव (गुचुपानी) देहरादून – Robber’s cave Dehradun in Hindi


Robbers cave, Dehradun | Click on Image For Credits

रोबर्स केव देहरादून से 8 किलोमीटर दूर अनारवाला गांव में स्थित देहरादून का सबसे ज्यादा रोमांचक पर्यटक स्थल है। स्थानीय निवासी रोबर्स केव को गुचुपानी के नाम से पुकारते है। रोबर्स केव एक प्राकृतिक गुफा है जिसकी लंबाई लगभग 600 मीटर है और यह गुफा दो भागों में बंटी हुई है।

इस गुफा की सबसे रोमांचक बात यह है की इस गुफा में पूरे साल घुटनों तक पानी बहता रहता है, इसलिए जब आप इस गुफा में प्रवेश करते है तो आपको एक अलग ही रोमांच महसूस होता है। आप जैसे-जैसे रोबर्स केव में अंदर जाते है तो कई जगह गुफा बहत सँकरी हो जाती है। इस गुफा में वैसे तो पानी के मुख्य स्त्रोत अभी तक पता नहीं चला है लेकिन गुफा के पास एक झरना गिरता है जिसकी ऊंचाई लगभग 10 मीटर है।

स्थानीय निवासियों का ऐसा मानना है की बहुत पहले इस जगह का उपयोग चोर और डाकू छुपने के लिए किया करते थे इस वजह से इस गुफा को रोबर्स केव के नाम से जाना जाने लगा। रोबर्स केव के आसपास स्थानिय निवासियों ने खाने पीने की दुकाने लगा रखी है। गुफा में आप के जूते या सैंडल खराब ना हो इसलिए रोबर्स केव के पास आप को चप्पल भी किराए पर मिल जाएगी।

अगर आप देहरादून घूमने का प्लान बना रहे है तो रोबर्स केव आपकी बकेट लिस्ट में जरूर होना चाहिए।

नोट:- रोबर्स केव में बारिश के मौसम में पानी का बहाव तेज हो जाता है इसलिए केव में जाते समय सावधानी जरूर रखें।

रॉबर्स केव देहरादून में प्रवेश का समय – Robbers cave Dehradun Timings in Hindi

सुबह 7:00 बजे से लेकर शाम को 6:00 बजे तक ।

रॉबर्स केव देहरादून में प्रवेश शुल्क – Robbers cave Dehradun Entry Fee in Hindi

प्रवेश शुल्क  – 25/- रुपये ।

टपकेश्वर मंदिर देहरादून – Tapkeshwar Temple Dehradun in Hindi


Lord Hanuman Statue at Tapkeshwar Mahadev Temple | Click on Image For Credits

देहरादून से 5.5 किलोमीटर दूर गढ़ी केंट में एक प्राचीन शिव मंदिर है। यह प्राचीन शिव मंदिर गढ़ी केंट में बहने वाली एक छोटी नदी के किनारे पर बना हुआ है। इस प्राचीन मंदिर को टपकेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है। टपकेश्वर मंदिर का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। ऐसा माना जाता है की गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वथामा का जन्म इसी स्थान पर हुआ है।

इस मंदिर और इस स्थान को लेकर गुरु द्रोण और उनके पुत्र अश्वथामा को लेकर एक रोचक कथा बहुत प्रचलित है। एक बार की बात है गुरु द्रोण के पुत्र अश्वथामा को एक बार बहुत जोर से भूख लगती है तो वह अपने माता पिता से पीने के लिए दूध मांगते है। गुरु द्रोण अपने पुत्र के दूध की मांग को पूरा करने में असमर्थता दिखाते है।

गुरु द्रोण की इस बात से दुखी होकर अश्वथामा उसी समय भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिये तपस्या करने लग जाते है। कुछ समय के बाद अश्वथामा की तपस्या से प्रसन्न हो कर भगवान शिव तपस्या स्थल पर पर दूध की धारा बहा देते है और इस प्रकार अश्वथामा की भुख शान्त होती है। उस समय के बाद से ही यहाँ स्थित गुफा की चट्टान से शिवलिंग पर दूध की बूंदे टपक रही है।

आज भी इस प्राचीन शिवलिंग पर चट्टान से लगातार पानी की बूंदे टपकती रहती है इसलिये इस मंदिर को टपकेश्वर महादेव के नाम से पुकारा जाता है। टपकेश्वर महादेव मंदिर के पास एक छोटी नदी भी बहती है जिसमें यहाँ आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु नहाने का आनदं भी ले सकते है।

टपकेश्वर मंदिर देहरादून में दर्शन का समय – Tapkeshwar Temple Dehradun Timings in Hindi

सुबह 04:00 बजे से रात के 10:30 बजे तक।

टपकेश्वर मंदिर देहरादून में प्रवेश शुल्क – Tapkeshwar Temple Dehradun Entry Fee in Hindi

प्रवेश निःशुल्क।

फारेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट देहरादून – Forest Research Institute Dehradun in Hindi


Forest Research Institute, Dehradun | Click on Image For Credits

देहरादून में स्थित वन अनुसंधान संस्थान भारत की सबसे बड़ी अनुसंधान संस्थान है। देहरादून के घण्टाघर से वन अनुसंधान संस्थान की दूरी लगभग 6 किलोमीटर है। भारत में इसका निर्माण 1906 में ब्रिटिश शासनकाल के दौरान किया गया। इस संस्थान की इमारत अपने ग्रीक-रोमन वास्तुशैली में बने हुए होने के कारण पूरे विश्व में प्रसिद्घ है। वन अनुसंधान संस्थान की इमारत का आकार भी इसकी प्रसिद्ध का बहुत बड़ा कारण है, यह इमारत लगभग 450 हेक्टेयर क्षेत्र में बनी हुई है।

वन अनुसंधान संस्थान में वानिकी से जुड़े हुये छह संग्रहालय बने हुए है। इन छह संग्रहालय में जंगल-विज्ञान, किट-विज्ञान, सामाजिक वानिकी, गैर-लकड़ी से बने वन उत्पाद, विकृति विज्ञान और लकड़ी की अलग-अलग किस्म का प्रदर्शन किया गया है। इस संस्थान में संग्रहालय के अलावा यहाँ बना हुआ उद्यान भी पर्यटकों के आकर्षण का विशेष केंद्र रहता है। फ़िल्म इंडस्ट्री की कुछ बड़ी फिल्मों का फिल्माकंन भी इसी वन अनुसंधान संस्थान में किया गया है।

वनस्पति विज्ञान और जंगल विज्ञान से जुड़े हुए लोगों के लिए यह संस्थान किसी खजाने से कम नहीं है। वन अनुसंधान संस्थान के अंदर फोटोग्राफी पूरी तरह से प्रतिबंधित है।

फारेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट देहरादून में प्रवेश का समय – Forest Research Institute Dehradun Timings in Hindi

सुबह 9:30 बजे से लेकर शाम को 5:00 बजे तक है।

फारेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट देहरादून में प्रवेश का समय – Forest Research Institute Dehradun Entry Fee in Hindi

प्रवेश शुल्क – 40/- रुपये ।

झंडा जी दरबार साहिब देहरादून – Jhanda Ji Darbar Sahib Dehradun in Hindi


Rare Image of Jhanda Darbar Sahib, Dehradun | Click on Image For Credits

देहरादून में झंडा गुरु दरबार साहिब सिख समुदाय की धार्मिक आस्था का बहुत बड़ा केंद्र है, और देहरादून के नामकरण का इतिहास भी झंडा गुरु दरबार साहिब से जुड़ा हुआ है। 1676 में सिखों के गुरु राम राय हिमालय के तलहटी में बसे हुए इस स्थान पर आये और अपनी सेना और शिष्यों के साथ इस स्थान पर अपना डेरा जमाया।

उस दिन के बाद से ही इस स्थान को देहरादून के नाम से जाना जाने लगा। गुर राम राय की स्मृति में उनके अनुयायियों ने देहरादून में झंडा गुरु दरबार साहिब स्मारक का निर्माण करवाया यह स्मारक सिख शैली बने हुए गुरद्वारों की तरह नहीं बना हुआ है। बल्कि यह  स्मारक उस समय की मुगल शैली से बनी हुई एक इमारत है।

झंडा गुरु दरबार साहिब में प्रत्येक वर्ष झंडा पर्व मनाया जाता है। देहरादून में होने वाला यह झंडा पर्व होली के पांच दिन बाद मनाया जाता है और यह झंडा पर्व आठ दिन तक चलता है। यहाँ होने वाले झंडा पर्व में लाखों की संख्या में गुरु राम राय के अनुयायी और सिख धर्म से जुड़े हुए श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते है।

झंडा जी दरबार साहिब देहरादून में दर्शन का समय – Jhanda Ji Darbar Sahib Dehradun Timings in Hindi

दिन के किसी भी समय।

झंडा जी दरबार साहिब देहरादून में प्रवेश शुल्क – Jhanda Ji Darbar Sahib Dehradun Entry Fee in Hindi

प्रवेश निःशुल्क।

मसूरी – Mussoorie

Mussoorie

भारत के सबसे प्रसिद्ध स्थलों में से एक मसूरी देहरादून से मात्र 28 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। देहरादून आने वाले पर्यटक ज्यादातर इस विश्वास से देहरादून आते है की यह पहाड़ो में बसा हुआ एक खूबसूरत शहर है, और गर्मियों के मौसम में देहरादून में बर्फ देखने को मिलेगी लेकिन यहाँ आने पर इसका एक दम उल्टा होता है।

देहरादून हिमालय की गोद में बसा हुआ एक खूबसूरत शहर है और इस शहर से मात्र कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित मसूरी आप के लिए एक यादगार पर्यटक स्थल हो सकता है। मसूरी को पहाड़ों की रानी भी कहा जाता है क्यूँ की मसूरी से आसपास की बहुत सारी हिमालय की अलग-अलग पर्वत श्रंखलायें दिखाई देती है। अगर आप को बर्फ पसंद है तो सर्दियों के मौसम में मसूरी में आप कभी भी यहाँ बर्फ का मजा लेने आ सकते है।

धनौल्टी – Dhanaulti

Dhanaulti

देहरादून से धनौल्टी की दूरी मात्र 52 किलोमीटर है और अगर आप देहरादून और इसके आसपास घूमने का कार्यक्रम बनाते है तो आपकी बकेट लिस्ट में धनौल्टी का नाम जरूर होना चाहिए। अभी कुछ वर्षों तक धनौल्टी सबसे कम देखे गए पर्यटक स्थलों में से एक रहा है लेकिन हाल ही के कुछ वर्षों में ये जगह बहुत तेज गति से पर्यटकों की पसन्दीदा जगह बनती जा रही है।

धनौल्टी के प्रसिद्ध होने का सबसे बड़ा कारण है यहाँ का मौसम, धनौल्टी में पूरे साल मौसम ठंडा रहता है आज भी धनौल्टी में गर्मियों के समय तापमान 30° से  ज्यादा ऊपर नहीं जाता है और रात के समय तापमान 20° के आसपास आ जाता है। सर्दियों के मौसम में यहाँ होने वाली बर्फ बारी भी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख कारण है।

ऋषिकेश – Rishikesh

Rishikesh

देहरादून और ऋषिकेश यह दोनों ही शहर हिमालय की गोद में बसे हुए बहुत ही खूबसूरत शहर है। इसलिए इन दोनों को शहर एक तरह से हिमालय का प्रवेश द्वार कहा जा सकता है। देहरादून और ऋषिकेश में सबसे बड़ी समानता यह है की यह दोनों शहर पौराणिक पृष्ठभूमि को साझा करते है। ऋषिकेश को विश्व योग राजधानी के नाम से भी जाना जाता है।

ऋषिकेश में बहुत सारे विश्व स्तरीय योग सिखाने के केंद्र है, और यहाँ पर सबसे ज्यादा विदेशी नागरिक  योग सीखने और मेडिटेशन करने के लिए आते है और लंबे समय तक यहीं पर रूकते है। गंगा नदी के चारों तरफ बसा हुआ यह पौराणिक शहर अपनी रोमांचक गतिविधियों के लिए भी बहुत ज्यादा प्रसिद्ध है। ऋषिकेश के बाहर गंगा नदी के किनारे पर बहुत सारे रोमांचक गतिविधि आयोजित करने के लिए कैंप भी लगे हुए है। देहरादून से ऋषिकेश की दूरी मात्र 46.3 किलोमीटर है।

बुद्ध मोनेस्ट्री (Mindrolling Monastery) देहरादून – Mindrolling Monastery Dehradun in Hindi


Mindrolling Monastery, Dehradun | Click on Image For Credits

देहरादून से 11 किलोमीटर दूर स्थित बुद्ध मोनेस्ट्री जिसे Mindrolling Monastery के नाम से भी जाना जाता है। बौद्घ धर्म की संस्कृति की रक्षा करने और बौद्ध धर्म को बढ़ावा देने के लिये इस बौद्ध मंदिर का निर्माण कुछ बौद्ध भिक्षुओं द्वारा गया। जापानी वास्तुशैली में निर्मित इस बौद्ध मंदिर का निर्माण कार्य 1965 में पूरा हुआ।

बौद्ध धर्म में आस्था रखने वाले और बहुत सारे देशी और विदेशी पर्यटक यह बौद्ध मंदिर देखने के लिए आते है। इस बौद्ध मंदिर के प्रमुख आकर्षण केन्द्र यहाँ स्थित 103 फ़ीट ऊंची भगवान बुद्ध की प्रतिमा और मंदिर के अंदर बनाई गई सुंदर पेंटिंग्स है। इन पेंटिग्स में भगवान बुद्ध के पूरे जीवन को बहुत ही सुंदर तरीके से उकेरा गया है।

इसके अलावा इस मंदिर की पांच मंजिला इमारत भी अपने वास्तुकला की वजह से पर्यटकों का ध्यान आकर्षित करती है। इस बोद्ध मंदिर की इमारत की ऊंचाई कुल 220 फ़ीट है और मंदिर की चौथी मंजिल से बहुत ही मन मोहक प्राकृतिक दृश्य दिखाई देते है। यहाँ आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिये मंदिर के परिसर में ही खाने पीने की दुकानें बनी हुई है और अगर आप की बौद्ध धर्म में रुचि है तो आप यहाँ से बौद्ध धर्म से जुड़ी हुई पुस्तकें भी खरीद सकते है।

बुद्ध मोनेस्ट्री (Mindrolling Monastery) देहरादून में दर्शन का समय – Mindrolling Monastery Dehradun Timings in Hindi

पर्यटक और श्रद्धालु गण सुबह 9:00 बजे से लेकर शाम को 7:00 बजे तक मंदिर में दर्शन करने के लिए आ सकते है। दोपहर के 1:30 बजे से लेकर 2:30 बजे तक मंदिर बंद रहता है।

बुद्ध मोनेस्ट्री (Mindrolling Monastery) देहरादून में प्रवेश शुल्क – Mindrolling Monastery Dehradun Entry Fee in Hindi

प्रवेश निःशुल्क।

मालसी डियर पार्क देहरादून – Malsi Dear Park Dehradun in Hindi

Deer In Maslsi Deer Park, Dehradun | Ref Image

मालसी डियर पार्क की देहरादून से दूरी 10.2 किलोमीटर की है, और यह देहरादून से मसूरी जाते समय रास्ते में आता है। 22 एकड़ में फैला हुआ यह डियर पार्क परिवार और बच्चों के लिए सबसे शानदार जगहों में से एक है। इस पार्क के अंदर डियर के अलावा अन्य वन्यजीवों में मोर और नीलगाय, जैसे जानवर और पक्षी दिखाई देते है।

बच्चों के मनोरंजन के लिए पार्क कुछ झूले भी लगाए हुए है। सप्ताहांत में स्थानीय निवासी मालसी डियर। पार्क में आना बेहद पसंद करते है।

अगर आप देहरादून से मसूरी घूमने का कार्यक्रम बनाते है तो कुछ समय मालसी डियर पार्क के लिए जरूर निकाले।

मालसी डियर पार्क देहरादून में प्रवेश का समय – Malsi Dear Park Dehradun Timings in Hindi

मालसी डियर पार्क सुबह 10:00 बजे से लेकर शाम को 5:00 बजे तक पर्यटकों के लिए खुला रहता है। सप्ताह में सोमवार के दिन यह पार्क बंद रहता है बाकी मंगलवार से लेकर रविवार तक पर्यटकों के लिए यह पार्क खुला रहता है।

मालसी डियर पार्क देहरादून में प्रवेश शुल्क – Malsi Dear Park Dehradun Entry Fee in Hindi

मालसी डियर पार्क में वयस्कों के लिए प्रवेश शुल्क 20/- रुपए लिया जाता है और बच्चों के लिए प्रवेश शुल्क 10/- रुपये लिया जाता है।

देहरादून में घूमने का सबसे से अच्छा समय – Best time to visit in Dehradun in Hindi

हिमालय की तलहटी में स्थित होने की वजह से देहरादून का मौसम वैसे तो पूरे साल अच्छा रहता है और गर्मियों के मौसम में भी यहाँ पर बहुत तेज गर्मी नहीं होती है इसलिए अगर आप अपने परिवार या फिर दोस्तों के साथ देहरादून घूमने का कार्यक्रम बना रहे है तो मार्च से लेकर जून के पहले सप्ताह तक आप देहरादून घूमने जा सकते है। देहरादून में साल के इन महीनों में अधिकतम तापमान 35° तक जाता है और रात को न्युनतम 18° तक चला जाता है।

देहरादून कैसे पहुंचे – How to reach Dehradun in Hindi

हवाईजहाज से देहरादून कैसे पहुंचे – How to reach Dehradun By Flight in Hindi

देहरादून के हवाई अड्डे का नाम जॉली ग्रांट एयरपोर्ट है। देहरादून शहर से इस हवाई अड्डे की दूरी मात्र 31 किलोमीटर है, यह हवाई अड्डा लगभग देश के सभी प्रमुख हवाई अड्डों से जुड़ा हुआ है। अगर आप किसी दूसरे देश से देहरादून आने का कार्यक्रम बना रहे है तो आप को सबसे पहले दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आना होगा।

रेल से देहरादून कैसे पहुंचे – How to reach Dehradun By Train in Hindi

देहरादून भारत के अन्य शहरों से रेल मार्ग द्वारा भी बहुत अच्छे तरीके से जुड़ा हुआ है। देहरादून रेलवे स्टेशन मुख्य शहर से बाहर 1-2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। देहरादून रेलवे स्टेशन देश के लगभग सभी प्रमुख शहरों से आप को देहरादून के लिए ट्रैन उपलब्ध मिल जाएगी।

सड़क मार्ग से देहरादून कैसे पहुंचे – How to reach Dehradun By Road in Hindi

वैसे तो भारत के किसी भी कोने से आप देहरादून सड़क मार्ग द्वारा बहुत आसानी से पहुंच सकते है। लेकिन उत्तर भारत के प्रमुख शहरों से देहरादून की कनेक्टिविटी बहुत अच्छी है दिल्ली, जयपुर और आगरा जैसे शहरों से देहरादून आने के लिए नियमित निजी बस सेवा और सरकारी बस उपलब्ध है। आप अपने निजी वाहन या फिर कैब के द्वारा भी बहुत आसानी से देहरादून पहुँच सकते है।

देहरादून के आस पास घूमने के लिए कुछ प्रसिद्ध पर्यटन स्थल  – Places to visit near Dehradun in Hindi

धनोल्टी , नई टिहरी, टिहरी झील, ऋषिकेश, नरेंद्र नगर, नाग टिब्बा, राजाजी राष्ट्रीय उद्यान, मालसी डियर पार्क, मसूरीहरिद्वार, चम्बा, दशावतार मंदिर, जोरांडा फाल्स, बरेहिपानी और न्यू टेहरी टाउनशिप, माताटीला डैम और देओगढ़ किला बहुत बड़ी लिस्ट है । पर्यटक यहाँ पर कई एडवेंचर स्पोर्ट जैसे रिवर राफ्टिंग , बंजी  जम्पिंग ,रॉक क्लाइम्बिंग, हाईकिंग और ट्रैकिंग का आनंद भी ले सकते हैं। यह कैंप पर्यटकों को रुकने के साथ साथ अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध करते है।

(अगर आप मेरे इस आर्टिकल में यहाँ तक पहुंच गए है तो आप से एक छोटा से निवदेन है की नीचे कमेंट बॉक्स में इस लेख से संबंधित आपके सुझाव जरूर साझा करेंऔर अगर आप को कोई कमी दिखे या कोई गलत जानकारी लगे तो भी जरूर बताए।  में यात्रा से संबंधित जानकारी मेरी इस वेबसाइट पर पोस्ट करता रहता हूँअगर मेरे द्वारा दी गई जानकारी आप को पसंद आ रही है तो आप अपने ईमेल से मेरी वेबसाइट को सब्सक्राइब जरूर करे

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